यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मददगार है ये आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, जाने पूरी जानकारी…

By Alok Gaykwad

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health tips: यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मददगार है ये आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, जाने पूरी जानकारी, आजकल की भागदौड़ वाली जिंदगी में लोगों की आदतें ऐसी बन गई हैं, जिनकी वजह से उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं. यूरिक एसिड की समस्या भी कुछ ऐसी ही है. शरीर में प्यूरिन (Purine) का लेवल बढ़ने के बाद यूरिक एसिड हड्डियों और जोड़ों में जमने लगता है. इस वजह से घुटनों, कलाईयों, कोहनी और उंगलियों के जोड़ों में दर्द और तकलीफ महसूस होती है.

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आयुर्वेद में ऐसी कई जड़ी-बूटियां हैं जो यूरिक एसिड को कंट्रोल में रखने में मदद करती हैं. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यूरिक एसिड की समस्या बहुत आम हो गई है और इससे पीड़ित लोगों को मेडिकल सहायता की भी जरूरत पड़ सकती है.

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अगर आपको या आपके आसपास किसी को यूरिक एसिड का लेवल ज्यादा होने की समस्या है, तो आप उन्हें कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का सेवन करने की सलाह दे सकते हैं.

  • गिलोय (Giloy): गिलोय या गुडुची यूरिक एसिड की समस्या को कम करने में मदद करता है. गिलोय की ताजी पत्तियों का जूस (गिलोय का जूस) बनाकर पीने या इसकी चाय पीने से यूरिक एसिड कम होता है. यह शरीर में पित्त दोष को कम करता है, जिससे गर्मी से जुड़ी समस्याएं भी कम हो जाती हैं.
  • काली किशमिश (Black Raisins): किशमिश या काली किशमिश यूरिक एसिड के दर्द को कम करने में मदद करती है. इसे रातभर पानी में भिगो दें. अगली सुबह इसे चबाकर खाएं और किशमिश वाला पानी पी लें. इससे गठिया की समस्या कम होगी और जोड़ों के दर्द से भी राहत मिलेगी.
  • गुग्गुल (Guggul): गुग्गुल एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है, जो यूरिक एसिड को कम करने का एक अच्छा नुस्खा भी है. यह जोड़ों के दर्द से राहत दिलाता है. गुग्गुल का काढ़ा पीने से भी बढ़े हुए यूरिक एसिड लेवल को कम करने में मदद मिलती है.
  • नागरमोथा (Nagarmotha): इसे मुस्ता के नाम से भी जाना जाता है. यह एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जिसे यूरिक एसिड को कंट्रोल में रखने में कारगर माना जाता है. नागरमोथा को रातभर पानी में भिगो दें. इसके बाद इसे साफ करके सुखा लें. इसका पाउडर बनाकर सेवन करें.