WHEAT VARIETY किसानों की बल्ले-बल्ले गेहूं की नई किस्म 120 से 125 दिनों में पककर मात्र दो सिंचाई में 55 क्विंटल का देगी उत्पादन

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WHEAT VARIETY किसानों की बल्ले-बल्ले गेहूं की नई किस्म 120 से 125 दिनों में पककर मात्र दो सिंचाई में 55 क्विंटल का देगी उत्पादन

WHEAT VARIETY K-1616 :- WHEAT VARIETY किसानों की बल्ले-बल्ले गेहूं की नई किस्म 120 से 125 दिनों में पककर मात्र दो सिंचाई में 55 क्विंटल का देगी उत्पादन। खरीफ सीजन अपने चरम पर है। जिसके तहत खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान ( धान ) की कटाई शुरू हो गई है। इसके साथ ही रवि सीजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिसमें कृषि वैज्ञानिक किसानों को रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं की अगेती किस्में 20 अक्टूबर के बाद लगाने की सलाह दे रहे हैं ।

WHEAT VARIETY किसानों की बल्ले-बल्ले गेहूं की नई किस्म 120 से 125 दिनों में पककर मात्र दो सिंचाई में 55 क्विंटल का देगी उत्पादन

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Capable of producing up to 35 quintals per hectare without irrigation

इसे देखते हुए किसानों ने गेहूं की बुवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जिसके तहत किसान इन दिनों गेहूं के बीज इकट्ठा करने में लगे हुए हैं। ऐसे किसानों के लिए बहुत अच्छी जनकारी है। गेहूं की विभिन्न किस्मों के बीच वैज्ञानिकों ने गेहूं की एक नई किस्म विकसित की है। इसमें कई गुण हैं। उदाहरण के लिए, गेहूं की यह किस्म बिना सिंचाई के 35 क्विंट प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन करने में सक्षम है।

WHEAT VARIETY किसानों की बल्ले-बल्ले गेहूं की नई किस्म 120 से 125 दिनों में पककर मात्र दो सिंचाई में 55 क्विंटल का देगी उत्पादन

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Developed by Chandrashekhar Azad University of Agriculture and Technology Kanpur

गेहूं की इस नई किस्म को Chandrashekhar Azad University of Agriculture and Technology Kanpur के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है। जिसका नाम K-1616 है। उत्तर प्रदेश में बुवाई के लिए गेहूं की इस किस्म की घोषणा की गई है। जिसे उत्तर प्रदेश के किसी भी जिले में बोया जा सकता है। हालांकि इसके बीज अगले साल से किसानों को उपलब्ध होंगे।

WHEAT VARIETY किसानों की बल्ले-बल्ले गेहूं की नई किस्म 120 से 125 दिनों में पककर मात्र दो सिंचाई में 55 क्विंटल का देगी उत्पादन

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Hybrid variety of K-1616 was prepared by mixing HD-2711 and K-711 wheat

Chandrashekhar Azad University of Agriculture and Technology Kanpur के वैज्ञानिकों ने गेहूं की दो किस्मों को संकरण करके गेहूं की एक नई किस्म K-1616 विकसित की है। जो एक संकर प्रजाति है। जानकारी के अनुसार University के वैज्ञानिकों ने 4 साल की मेहनत के बाद एचडी-2711 और के-711 गेहूं को मिलाकर के-1616 को संकर किस्म के रूप में विकसित किया है।

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Capable of producing up to 35 quintals per hectare without irrigation

चंद्रशेखर आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित गेहूं की एक नई किस्म के-1616, बिना सिंचाई के 35 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन करने में सक्षम है। अतः इस प्रकार की फसल की सिंचाई करके किसान इससे अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

WHEAT VARIETY किसानों की बल्ले-बल्ले गेहूं की नई किस्म 120 से 125 दिनों में पककर मात्र दो सिंचाई में 55 क्विंटल का देगी उत्पादन

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Production up to 50 to 55 quintals per hectare after getting two irrigations 

उपलब्ध जानकारी के अनुसार K-1616 किस्म का गेहूँ 50 से 55 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन कर सकता है यदि दो सिंचाई दी जाए। दरअसल गेहूं की नई किस्म के-1616 को शुष्क क्षेत्रों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। साथ ही रबी सीजन में कम बारिश होने पर इससे उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

WHEAT VARIETY किसानों की बल्ले-बल्ले गेहूं की नई किस्म 120 से 125 दिनों में पककर मात्र दो सिंचाई में 55 क्विंटल का देगी उत्पादन

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It is disease resistant, there is no risk of black, yellow disease.

गेहूं की नई किस्म के-1616 में कई विशेषताएं हैं। किसान इसे खेत में मिलने के बाद ही बो सकते हैं। वहीं, इसके दानों में 12 प्रतिशत तक प्रोटीन होता है। इसके अन्य गुणों की बात करें तो यह रोग प्रतिरोधी है, इसमें काले, पीले रोग का कोई खतरा नहीं है।

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WHEAT VARIETY किसानों की बल्ले-बल्ले गेहूं की नई किस्म 120 से 125 दिनों में पककर मात्र दो सिंचाई में 55 क्विंटल का देगी उत्पादन

Cereal crops wheat reproduction

अन्य किस्मों की तुलना में बड़ा और लंबा होता है इस किस्म का दाना The grain of this variety is larger and longer than other varieties

इस किस्म का दाना अन्य किस्मों की तुलना में बड़ा और लंबा होता है। गेहूँ की सामान्य किस्म बुवाई के 125 से 130 दिनों में पकने के लिए तैयार हो जाती है, जबकि K-1616 किस्म 120 से 125 दिनों में पक जाती है।