Vanilla ki Kheti: वनीला की खेती मुनाफे का मीठा सौदा, जाने पूरी जानकारी…

By Alok Gaykwad

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Vanilla ki Kheti: वनीला की खेती मुनाफे का मीठा सौदा, जाने पूरी जानकारी, वनीला की खेती भारत में सबसे अधिक लाभदायक फसलों में से एक मानी जाती है. इसकी महंगाई के मामले में केसर के बाद वनीला का दूसरा स्थान है. वैसे तो इसकी खेती थोड़ी जटिल है, लेकिन इससे अच्छी कमाई भी होती है।

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बाजार में इसकी कीमत 40 हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपये प्रति किलो तक होती है. वनीला एक लता वाला पौधा होता है. इसकी तना लंबा और लतानुमा होता है. इसके फूलों और फल, जो कैप्सूल के आकार का होता है, दोनों में ही बहुत खुशबू होती है. इसकी खेती के लिए 20 से 30 डिग्री के बीच का तापमान उपयुक्त रहता है.

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वनीला की मांग कई देशों में है. दिलचस्प बात ये है कि दुनियाभर में बनने वाली लगभग 40 प्रतिशत आइसक्रीम वनीला फ्लेवर की ही होती है. इसके अलावा वनीला का इस्तेमाल कोल्ड ड्रिंक्स, परफ्यूम और ब्यूटी प्रोडक्ट्स में भी किया जाता है. ऐसे में किसान वनीला की खेती करके अच्छी कमाई कर सकते हैं. आइए अब जानते हैं कि वनीला की खेती कैसे की जाती है…

वनीला की खेती कैसे करें (Vanilla ki Kheti kaise karein)

पूर्णिया कृषि विज्ञान केंद्र जालौरगढ़ के कृषि वैज्ञानिक दया निधि चौबे ने बताया कि वनीला की खेती के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज है वातावरण, जिसका किसानों को विशेष ध्यान रखना चाहिए. पूर्णिया की जलवायु भी इसकी खेती के लिए उपयुक्त है. यहां के किसान इसकी खेती कर सकते हैं. वनीला की खेती के लिए 20 से 30 डिग्री के बीच का तापमान जरूरी होता है.

वनीला की खेती के लिए खेत में जैविक पदार्थों से भरपूर ढीली मिट्टी होनी चाहिए. जिसकी पीएच वैल्यू लगभग 6.30 से 7.30 डिग्री के बीच हो. साथ ही इसकी खेती के लिए खेत तैयार करें और खेत में 8 गांठ और 1 सेंटीमीटर व्यास वाले वेनिला के पौधे के 80 से 120 सेंटीमीटर के पौधे लगाने के लिए गड्ढे तैयार कर लें और इन गड्ढों में गोबर की खाद डालें. इन गड्ढों की दूरी लगभग 8 फीट रखें.

उन्होंने बताया कि वनीला की फसल तैयार होने में लगभग 9 से 10 महीने का समय लगता है. इसके बाद यह फसल पूरी तरह से पक कर तैयार हो जाती है. हालांकि, उन्होंने बताया कि एक हेक्टेयर में इसकी 800 किलो तक की पैदावार हो सकती है. उत्पादित वनीला को 40 से 50 हजार किलो के भाव लगभग बाजार में बेचा जाता है.

हालांकि, इसे तोड़ने के बाद इसके बीज निकाल कर प्रसंस्करण किया जाता है और फिर कई तरह के उत्पाद बनाने में इस्तेमाल किया जाता है. इसलिए वनीला की खेती आज के किसानों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकती है और किसान इससे अच्छी कमाई कर सकते हैं.