Surya Arghya: सूर्य को जल अर्पित करने की यह होती है विधि, जानिए सूर्य को अर्घ्य देने के लाभ

By charpesuraj5@gmail.com

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Surya Arghya: सूर्य हमारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण ग्रहों में से एक है. ऊर्जा का स्रोत होने के साथ ही सूर्य को स्वास्थ्य, सफलता और सम्मान का कारक माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र में भी सूर्य को मजबूत बनाने के लिए कई उपाय बताए गए हैं, जिनमें से एक है सूर्य को अर्घ्य देना. हर दिन सुबह सूर्योदय के समय जल अर्पित करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मन को शांति मिलती है. आइए विस्तार से जानते हैं सूर्य को अर्घ्य देने का तरीका और इसके लाभ:

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सूर्य को जल अर्पित करने की विधि:

  1. स्नान और शुद्धि: सबसे पहले सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर लें और स्वच्छ वस्त्र पहन लें.
  2. कुशासन ग्रहण करें: किसी साफ स्थान पर आसन बिछाकर बैठ जाएं. आप आसन के लिए कुश का प्रयोग कर सकते हैं.
  3. तांबे का लोटा: जल अर्पित करने के लिए तांबे के लोटे का इस्तेमाल करें. इस लोटे में जल भरें.
  4. पवित्र जल तैयार करें: जल में थोड़ी सी गुड़हल या शक्कर मिलाएं. साथ ही, आप इसमें लाल चंदन और लाल पुष्प भी डाल सकते हैं. ज्योतिष के अनुसार, सूर्य को मीठा जल अर्पित करने से कुंडली में कमजोर मंगल ग्रह को बल मिलता है.
  5. सूर्योदय का इंतजार: सूर्योदय से पहले पूर्व दिशा में जब हल्की किरणें दिखाई दें, तब जल अर्पित करने की तैयारी करें.
  6. मंत्रोच्चार: तांबे के लोटे को दोनों हाथों में लेकर सूर्य को जल अर्पित करें. जल की धारा के बीच से सूर्य को देखें. यह नेत्र ज्योति के लिए भी लाभदायक माना जाता है.
  7. जल धारा का ध्यान दें: जल धारा इस प्रकार हो कि वह आसन पर गिरे, जमीन पर नहीं.
  8. सूर्य ऊर्जा का लाभ: जमीन पर गिरने से जल में मौजूद सूर्य ऊर्जा का लाभ नहीं मिल पाता है.
  9. मंत्र जाप: जल अर्पित करते समय आप निम्न मंत्रों का तीन बार जाप कर सकते हैं:
  • “ॐ ऐहि सूर्य सहस्रांशों तेजोराशे जगत्पते। अनुकम्पये माम भक्त्या गृहार्घ्यं दिवानकरः।।”
  • “ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय, सहस्रकिरणाय। मनोवाञ्छित फलं देहि देहि स्वाहा:।।”
  1. अंत में: जल अर्पित करने के बाद दाहिने हाथ की हथेली में थोड़ा जल लेकर चारों ओर छिड़कें.
  2. प्रदक्षिणा करें: अपने स्थान पर तीन बार दक्षिणावर्त घूमें.
  3. समापन: अंत में उठकर उस स्थान को नमन करें.

सूर्य को अर्घ्य देने के लाभ:

  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य को नियमित रूप से जल अर्पित करने से सम्मान और यश में वृद्धि होती है.
  • विवाह में देरी हो रही है, तो लड़कियों द्वारा सूर्य को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है.
  • सूर्य को स्वास्थ्य, आत्मा और पिता का कारक ग्रह माना जाता है. नियमित रूप से सूर्य को जल देने से कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होता है, जिससे स्वास्थ्य लाभ मिलता है और पिता के साथ संबंध मजबूत होते हैं.

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सूर्य को जल अर्पित करना एक सरल लेकिन प्रभावी उपाय है. आप इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करके अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं.