सरकार की मदद से शुरू करें बिजनेस, ट्रेनिंग के साथ मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, साथ ही मिलेगा लाखो का भरपूर फायदा

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How to do business of pearls: भारत में मोतियों को काफी पसंद किया जाता है और पसंद भी क्यों ना किया जाए क्योंकि एक तो वो सुंदर होता है दूसरा उसको आभूषणों में लगाया जाता है। ज्योतिष के अनुसार भी Pearl को पहनना शुभ होता है। भारतीय लोगों के बीच मोती की डिमांड सबसे ज्यादा होती है. लेकिन क्या आपको पता है कि मोतियों का व्यापार आप भी शुरू कर सकते हैं वो भी बहुत कम लागत में। इस बिजनेस के बारे में जानते है.

सरकार की मदद शुरू करें बिजनेस, ट्रेनिंग के साथ मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, साथ ही मिलेगा लाखो का भरपूर फायदा

मोती की खेती (pearl farming)

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मोती की खेती के सरकार ट्रेनिंग भी मुहैया करवाती है और सब्सिडी भी देती है। मोती की खेती में सीप का पालन किया जाता है. इसकी खेती के लिए आपको एक तालाब की जरूरत होगी.

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मोती की खेती कैसे शुरू करें (How to start pearl farming)

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सरकारी संस्थान या फिर मछुआरों से सीप खरीदकर खेती का काम शुरू करें। खेती शुरू करने के लिए कुशल वैज्ञानिकों से प्रशिक्षण लेना होता है। कई संस्थानों में सरकार खुद फ्री में ट्रेनिंग करावाती है. सीप को तालाब के पानी में दो दिन के लिए रखते हैं. धूप और हवा लगने के बाद सीप का कवच और मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं।

डिजाइनर मोती की मांग बाज़ारों में ज्यादा है। मांसपेशियां ढीली होने पर सीप की सर्जरी कर इसके अंदर सांचा डाल जाता है. सांचा जब सीप को चुभता है तो अंदर से एक पदार्थ निकलता है। थोड़े अंतराल के बाद सांचा मोती की शक्ल में तैयार हो जाता है। सांचे में कोई भी आकृति डालकर उसकी डिजाइन का आप मोती तैयार कर सकते हैं।

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सरकार की मदद शुरू करें बिजनेस, ट्रेनिंग के साथ मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, साथ ही मिलेगा लाखो का भरपूर फायदा

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सब्सिडी का लाभ ऐसे मिलेगा (This is how you will get the benefit of subsidy)

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बिहार और गुजरात में इसकी खूब खेती हो रही है। सब्सिडी का लाभ लेने के लिए आपको ग्राम प्रधान या सेक्रेटरी से बात करनी होगी जिसके बाद सरकार की तरफ से आपको 50 प्रतिशत सब्सिडी मिल जायेगी।