Shani Dev Ki Sade Sati: शनि की साढ़े साती और ढैय्या का प्रभाव और उपाय, जानिए

By charpesuraj4@gmail.com

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Shani Dev Ki Sade Sati: ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को एक महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है. शनि ढाई ढाई साल में राशि बदलते हैं. साल 2025 में शनि देव मीन राशि में गोचर करेंगे. शनि ग्रह को क्रूर ग्रह माना जाता है और शनि की साढ़े साती और ढैय्या का प्रभाव जातकों के जीवन पर पड़ता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, हर व्यक्ति को जीवन में कभी ना कभी शनि की साढ़े साती या ढैय्या का सामना जरूर करना पड़ता है.

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शनि का राशि परिवर्तन और साढ़े साती-ढैय्या का प्रभाव

29 मार्च 2025 को शनिदेव कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे. शनि के मीन राशि में गोचर करने से मेष राशि पर साढ़े साती का प्रारंभ होगा.

साढ़े साती के दौरान अपनाएं ये सावधानी

शनि की साढ़े साती के दौरान जातक को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. इस दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है:

  • अनावश्यक खर्च से बचें।
  • वाद-विवाद से दूर रहें।
  • किसी भी बाहरी व्यक्ति पर जल्दी भरोसा न करें।
  • लेन-देन करते समय सावधानी बरतें।
  • स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

शनि की साढ़े साती और ढैय्या के उपाय

शनि के प्रकोप को कम करने के लिए आप कुछ उपाय अपना सकते हैं, जिनमें से एक है दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ करना. यह स्तोत्र भगवान श्रीराम के पिता राजा दशरथ द्वारा रचित है. दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और शनि की साढ़े साती एवं ढैय्या के दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है. आप आगे जाकर दशरथ कृत शनि स्तोत्र को पढ़ सकते हैं..