सरकार दे रही है ड्रैगन फ्रूट की खेती पर सब्सिडी, जानिए कैसे उठाएं फायदा

By charpesuraj5@gmail.com

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बिहार सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. इसी क्रम में विदेशी फल ड्रैगन फ्रूट को चौथे कृषि रोड में शामिल किया गया है. राज्य के 21 जिलों की मिट्टी ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए उपयुक्त पाई गई है और सरकार इसकी खेती को बढ़ावा देने के लिए भारी सब्सिडी भी दे रही है.

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ड्रैगन फ्रूट की खेती पर 40 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है सरकार

सरकार ने ड्रैगन फ्रूट की खेती करने वाले किसानों को 40 प्रतिशत सब्सिडी देने का फैसला किया है और राशि भी जारी कर दी गई है. इसकी खेती के लिए बनाई जाने वाली एक यूनिट की लागत लगभग 7.5 लाख रुपये है. कृषि विभाग के संयुक्त सचिव मनोज कुमार ने इस योजना के लिए राशि जारी करने का आदेश दिया है.

इन जिलों में होगी ड्रैगन फ्रूट की खेती

ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए राज्य के 21 जिलों का चयन किया गया है. इन जिलों में मिट्टी और वातावरण की स्थिति ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए उपयुक्त पाई गई है. इन जिलों में मुजफ्फरपुर, पटना, भोजपुर, गोपालगंज, जहानाबाद, सारण, सीवान, सुपौल, औरंगाबाद, बेगूसराय, भागलपुर, गया, कटिहार, किशनगंज, मुंगेर, नालंदा, पश्चिम और पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, समस्तीपुर और वैशाली शामिल हैं.

कैसे मिलेंगी सब्सिडी की किस्तें?

ड्रैगन फ्रूट की खेती पर किसानों को तीन किस्तों में सब्सिडी दी जाएगी. पहली किस्त सब्सिडी राशि का 60 प्रतिशत यानी प्रति हेक्टेयर प्रति किसान 1.80 लाख रुपये होगी. दूसरी किस्त कुल सब्सिडी का 20 प्रतिशत यानी 60 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अगले साल तब दी जाएगी जब 75 प्रतिशत पौधे जीवित रहते हैं. वहीं, आखिरी किस्त यानी बची हुई 20 प्रतिशत राशि तब दी जाएगी जब 90 प्रतिशत पौधे जीवित रहते हैं.

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ड्रैगन फ्रूट के फायदे

ड्रैगन फ्रूट एक विदेशी फल है जो दिखने में काफी आकर्षक होता है. यह फल गुलाबी या लाल रंग का होता है और इसका भीतरी भाग सफेद होता है. इसका गूदा बहुत रसीला और हल्का मीठा होता है. यह फल विटामिन सी, बी, कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम से भरपूर होता है. यह एक एंटी-ऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है. फाइबर की मात्रा अधिक होने के बावजूद यह कम कैलोरी वाला फल है, जो वजन कम करने में मदद करता है. ड्रैगन फ्रूट की बाजार दर सौ से चार सौ रुपये प्रति किलो तक होती है, वहीं इसकी खेती पर किसानों का खर्च प्रति क्विंटल बहुत कम आता है. इसका एक पौधा 15 से 20 साल तक फल देने में सक्षम होता है, हालांकि यह मौसम और इसके रख-रखाव पर निर्भर करता है.

अगर आप भी बिहार में रहते हैं और ड्रैगन फ्रूट की खेती करना चाहते हैं तो कृषि विभाग से संपर्क करें और इस योजना का लाभ उठाएं.