राष्ट्रपति बोलीं- महिलाओं में है पार्लियामेंट जाने की ताकत, अपनी शक्ति पहचानें महिलाएं

0
72

राष्ट्रपति मुर्मू आज सुबह 10:00 बजे अर्जुन मुंडा के साथ श्यामला हिल्स स्थित ट्राइबल म्यूजियम पहुंची।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने श्यामला हिल्स स्थित पार्क में पौधरोपण किया। अब मध्यप्रदेश में पौधरोपण अब आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर ट्वीट संदेश में कहा कि मध्यप्रदेश की पावन धरती पर पौधरोपण करने से हमारे उस अभियान को भी बल मिला है कि हर व्यक्ति महत्वपूर्ण अवसर पर पौधे लगाए। जनजातीय संग्रहालय का अवलोकन कर रही हैं राष्ट्रपति मुर्मू, साथ में राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और इनके अलावा संस्कृति विभाग के अधिकारियों ने उन्हें जनजातीय संग्रहालय के बारे में विस्तार से बताया।

मुर्मू ने मध्यप्रदेश की विभिन्न जनजातीयों के बारे में जानकारी ली। जनजातीय संग्रहालय का अवलोकन करने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 11:42 पर लाल परेड मैदान स्थित मोतीलाल नेहरू स्टेडियम पहुंची ग्रामीण आजीविका मिशन और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से किये गए आयोजन में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी उनका सत्कार किया और कहा कि “आज हमारे लिए सौभाग्य का दिन है। आज राष्ट्रपतिजी हमारे कार्यक्रम में मौजूद हैं। हमारी बहनों को राष्ट्रपति के जीवन से प्रेरणा लेना चाहिए। उन्होंने जो संघर्ष किया है, वह प्रेरणादायी है। हमारी राष्ट्रपतिजी ने अपनो को खो दिया लेकिन टूटी नहीं। उनका जीवन हमें प्रेरणा देता है। वो रुकी नहीं, चलती रही। वे पार्षद का चुनाव लड़ी। उसके बाद संघर्ष करते हुए आज देश की राष्ट्रपति बनी हैं”

g6lv54frqb896p6v 1658424787

हमारे देश की बहनें और बेटियां हर क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रहीराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

हमारे देश की बहनें और बेटियां हर क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रही हैं। हमारी बेटियों में भी दम है। जो हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि बहनों के बगैर यह देश सशक्त नहीं बन सकता। महिलाएं अपनी प्रतिभा का प्रयोग करें और देश को शक्तिशाली बनाएं।राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं में पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक जाने की शक्ति है। शक्ति के लिए हम मां दुर्गा और मां काली को नमन करते हैं। पुराणों में भी माताओं को श्रेष्ठ बताया गया है। मां बनने का सौभाग्य केवल महिलाओं को प्राप्त है। हमारे यहां कहते हैं कि त्वमेव माता च पिता त्वमेव और मातृ देवो भव: पितृ देवो भव:। इसमें भी मां को आदर और सम्मान दिया गया है।

इसके साथ ही राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने भी अपने विचार रखे।

ट्राइबल म्यूजियम की सेर करते समय राष्ट्रपति को आया अपना जन्मस्थल याद

हमारी राष्ट्रपति ग्रामीण स्थल से होने के कारण उन्हें म्यूजियम और भी सुखद आनंदमयी लगा। उन्हें वहाँ विजिट कर रहीं सिरेमिक आर्टिस्ट निधि चोपड़ा ने बताया कि घास से बने परकोटा को देखते ही राष्ट्रपति उनकी बचपन की यादो में खो गयी थी उनका कहना था कि अगर उनका फिक्स्ड सेडुल न होता तो वह कुछ देर उसमे बैठ कर बितातीं

इसके बाद लगभग पौने 1 उन्होंने दिल्ली के लिए प्रस्थान किया।

यह भी जाने :-पीएम किसान योजना को लेकर सरकार ने दी खुशखबरी, 13वी किस्त इस तारीख को आएंगी किसानो के खातों में फटाफट चेक करे