Poultry Farming: मुर्गी पालन कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने का बेहतरीन तरीका, जाने पूरी जानकारी…

By Alok Gaykwad

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Poultry Farming: मुर्गी पालन कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने का बेहतरीन तरीका, जाने पूरी जानकारी, आज के दौर में मुर्गी पालन सबसे लोकप्रिय व्यवसायों में से एक बन गया है. बड़ी संख्या में लोग मुर्गियों को पाल रहे हैं और अच्छी कमाई कर रहे हैं. मुर्गी पालन कम लागत में अच्छा मुनाफा देता है, जिस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने इस व्यवसाय में काफी रुचि लेना शुरू कर दिया है.

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मुर्गी पालन की सफलता की कहानी

बांका जिले के कटोरिया ब्लॉक के सिहुलिया गांव के रहने वाले मनोज यादव ने आर्थिक परेशानी से निजात पाने के लिए देसी और सोनली नस्ल की मुर्गियों को पालना शुरू किया. आज उनकी मासिक कमाई 40,000 रुपये से भी ज्यादा हो चुकी है.

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कैसे शुरू की मुर्गी पालन की यात्रा

स्थानीय समाचार पत्र को बताते हुए मनोज यादव ने कहा कि उन्होंने फरवरी 2024 में सिर्फ 17 मुर्गियों के साथ मुर्गी पालन की शुरुआत की थी, जिनकी कुल लागत 4000 रुपये थी. हम एक निम्न मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते थे और परिवार चलाने के लिए हमें बाहर काम करना पड़ता था, जिसमें हमें सिर्फ 19000 रुपये ही मिलते थे और परिवार का खर्च मुश्किल से चल पाता था.

उन्होंने बताया कि जब उन्होंने देखा कि गांव में कई लोग मुर्गी पालन से अपनी किस्मत बदल रहे हैं, तो उन्होंने भी यह काम शुरू करने का फैसला किया. इसके बाद वह एक महीने के लिए बाहर काम करने चले गए. इस दौरान उनकी पत्नी ने फार्म का काम संभाला. वापस आने पर उन्होंने कमाए हुए पैसों से फार्म बनाया और मुर्गियों को अच्छी तरह से पालना शुरू किया.

आज उनके पास 1000 से भी ज्यादा देसी और सोनली नस्ल की मुर्गियां हैं, जो रोजाना 100 से ज्यादा अंडे भी देती हैं.

देसी मुर्गी पालन के फायदे

मनोज यादव का कहना है कि देसी मुर्गी पालन पोल्ट्री चिकन की तुलना में कम लागत में किया जा सकता है, वहीं इसमे किसी भी तरह के संक्रमण का खतरा भी नहीं रहता है. देसी मुर्गियों को शुरुआती दिनों में दाने दिए जाते हैं, उसके बाद ये मुर्गियां खुद ही अपना भोजन ढूंढ लेती हैं. समय-समय पर इन्हें अनाज के बदले गेहूं के दाने, मक्के के दाने और चावल खिलाए जा सकते हैं.

वहीं पोल्ट्री चिकन 28 दिनों में तैयार हो जाता है, जबकि देसी मुर्गी को तैयार होने में 90 दिन का समय लगता है. 90 दिनों में मुर्गी का वजन 1 किलो 200 ग्राम हो जाता है, जिसे 550 रुपये से 600 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा जा सकता है.