Nirjala Ekadashi: निर्जला एकादशी कब और कैसे मनाई जाती है, जानिए इसके आर्थिक समस्या दूर करने के उपाय

By charpesuraj4@gmail.com

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Nirjala Ekadashi: निर्जला एकादशी को भीष्मसेनी एकादशी या भीम एकादशी के नाम से जाना जाता है. यह पर्व सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है. इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है और उनके लिए व्रत रखा जाता है. इस व्रत के पुण्य से व्रती को अचल फल की प्राप्ति होती है. साथ ही, धन-धान्य और सौभाग्य में वृद्धि होती है.

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कब और कैसे मनाई जाती है निर्जला एकादशी?

सनातन पंचांग के अनुसार, इस साल निर्जला एकादशी 18 जून को है. यह पर्व हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है. इस व्रत में जल ग्रहण करना भी वर्जित होता है. इसका त्याग ही व्रती को व्रत का पूर्ण पुण्य फल दिलाता है.

निर्जला एकादशी का विशेष महत्व है. सनातन धर्म ग्रंथों में वर्णित है कि निर्जला एकादशी का व्रत रखने से व्रती को 24 एकादशियों के समान फल प्राप्त होते हैं. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और निर्जला व्रत रखा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि निर्जला एकादशी का व्रत रखने से व्रती को यश, कीर्ति, सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. साथ ही मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है.

ज्योतिषीय उपाय

ज्योतिष शास्त्र में एकादशी के दिन विशेष उपाय करने का विधान है. इन उपायों को करने से आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं. अगर आप भी आर्थिक परेशानियों से मुक्ति पाना चाहते हैं तो निर्जला एकादशी के दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करें. साथ ही ये उपाय भी पूजा के समय अवश्य करें.

आर्थिक समस्या दूर करने के उपाय

  • अगर आप आर्थिक समस्याओं से ग्रस्त हैं तो निर्जला एकादशी के दिन स्नान-ध्यान के बाद विधि-विधान से लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करें. इस समय विश्वकल्याणकारी माता लक्ष्मी और धन की देवी को एकाक्षी श्रीफल अर्पित करें. ऐसा करने से साधक पर माता लक्ष्मी की कृपा बरसती है. उनकी कृपा से साधक के सभी दुख दूर हो जाते हैं.
  • धन की समस्या दूर करने के लिए निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु को तुलसी मंजरी अर्पित करें. ऐसा करने से साधक पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा बरसती है. एक बात का ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते या कलियां न तोड़ें. भगवान विष्णु को अर्पित करने के लिए एक दिन पहले से ही तुलसी के पत्ते摘 (zhāi – pick) कर लें.
  • अगर आप मनचाहा वर चाहते हैं तो निर्जला एकादशी के दिन पूजा के दौरान भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें. इस समय भगवान विष्णु से धन-धान्य और सौभाग्य वृद्धि की कामना करें.
  • सेंवई (rice pudding) भगवान विष्णु और विश्वकल्याणकारी माता लक्ष्मी को बहुत प्रिय है. इसलिए निर्जला एकादशी के दिन पूजा के दौरान भगवान विष्णु को अखंड धान और गुड़ से बना हुआ खीर का भोग लगाएं. इससे लक्षमी नारायण जल्द प्रसन्न होते हैं. उनका आशीर्वाद भक्त पर बना रहता है.