नई उन्नत खास किस्म के गेहूं की खेती से किसानो की होगी बंपर कमाई, एक हेक्टेयर में 60 क्विंटल उत्पादन

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खेती-किसानी को ज्यादा लाभकारी बनाने के लिये किसान नये-नये तरीके के प्रयास कर रहे हैं। जिससे खेती की लागत को घटाकर मुनाफा बढ़ाया जा सके। किसानों को ऐसी किस्मों की खेती करने की जानकारी दी जा रही है, जिनकी बाजार मांग ज्यादा हो और कम ससाधनों में खेती करके ही अच्छी पैदावार मिल सके। गेहूं की किस्मों में लोकप्रिय काठिया प्रजाति, जिसे काला गेहूं भी कहते हैं।

नई उन्नत खास किस्म के गेहूं की खेती से किसानो की होगी बंपर कमाई, एक हेक्टेयर में 60 क्विंटल उत्पादन

इस गेहू से किसानो को होगा ज्यादा उत्पादन (Farmers will get more production from this wheat)

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इस लोकप्रिय काठिया किस्म के गेहूं से दलिया, सूजी और रवा के साथ-साथ सेवइयां,नूडल्स, पिज्जा, वर्मी सेली और स्पेघेटी बनाई जा रही है। काठिया गेहूं की फसल पानी की कमी वाले इलाकों के लिये किसी वरदान से कम नहीं है। गेहूं की ये लोकप्रिय काठिया गेहूं किस्म मात्र 3 सिंचाई में 35 से 60 क्विंटल तक उत्पादन होगा।

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लोकप्रिय काठिया गेहूं की सबसे ज्यादा उत्पादन हो रहा है (The highest production of popular Kathia wheat is)

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भारत में करीब 25 लाख हेक्टेयर या उससे कुछ अधिक क्षेत्रफल में ही काठिया गेहूं की खेती करके ज्यादा उत्पादन हो रहा है। गेहूं के उत्पादों की बढ़ती डिमांड के चलते काठिया गेंहू का रकबा भी बढ़ाने की जरूरत है। पोषक तत्वों से भरपूर गेहूं की ये प्रजाति कुछ साल पहले तक सिर्फ उत्तर प्रदेश के किसानों तक ही सीमित थी, लेकिन इसकी खूबियों को परखते हुये अब गुजरात, मध्य प्रदेश, और राजस्थान के किसान भी काठिया गेहूं की खेती करने के लिए उत्साहित है।  

काठिया गेहूं बाजार में 6000 रुपये क्विंटल बिकता है (6000 rupees quintal is sold in kathia wheat market)

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काठिया गेहूं असिंचित या कम वाली इलाकों में भी काठिया गेहूं की खेती करके 30 से 35 क्विंटल तक उत्पादन कर सकते हैं। वहीं सिंचित इलाकों में काला गेहूं 50 से 60 क्विंटल की पैदावार देता है। गेहूं की साधारण किस्मों की तुलना में काठिया गेहूं को बीटा कैरोटीन व ग्लुटीन का अच्छा स्रोत मानते हैं। इसमें बाकी किस्मों के मुकाबले 1.5 से 2 प्रतिशत अधिक प्रोटीन मौजूद होता है। पोषक तत्वों से भरपूर काठिया गेहूं की फसल में रतुआ रोग की संभावना भी कम ही रहती है। देश-विदेश में बढ़ती मांग के चलते काला गेहूं 4,000 से 6,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में बाजार में बिक रहा है।

इस तरीके से करे काठिया गेहूं की खेती (Cultivate Kathia wheat in this way)

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काले गेहूं की खेती काफी कम क्षेत्रफल में की जाती है।काला गेहूं की खेती के लिये सिर्फ कार्बनिक पदार्थों वाली जैविक खाद और जैव उर्वरकों का ही इस्तेमाल करना चाहिये। कई इलाकों में मिट्टी और जलवायु की आवश्यकता को देखते हुये 120 KG नाइट्रोजन, 60 KG. पोटाश प्रति हेक्टेयर और असिंचित इलाकों में 60 KG. नाइट्रोजन, 30 KG.  फास्फोरस और 15 KG. पोटाश का इस्तेमाल करने से काले गेहूं का अधिक से अधिक उत्पादन कर सकते है।