Masik Shivratri: इस मासिक शिवरात्रि पर बन रहा दुर्लभ भद्रवा योग, भक्त को मनचाहा हुआ फल मिलेगा, जानिए शुभ मुहूर्त

By charpesuraj4@gmail.com

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Masik Shivratri: हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व है. शास्त्रों के अनुसार, सृष्टि के संचालक भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह महाशिवरात्रि पर हुआ था. इसलिए सुहागिन महिलाएं और अविवाहित कन्याएं मासिक शिवरात्रि पर व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं. इस व्रत के फल से मनोवांछित फल प्राप्ति होती है.

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हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि भगवान शिव को समर्पित होती है. इस दिन भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा की जाती है. साथ ही, भगवान शिव का व्रत भी रखा जाता है. इस व्रत के फलस्वरूप सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है. वहीं, अविवाहित कन्याओं को जल्दी विवाह होने की संभावना बनती है. धार्मिक मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करने से व्रत रखने वाले को पृथ्वी पर सभी प्रकार की सुख-शांति प्राप्त होती है. इसलिए, भक्तगण भगवान शिव और माता पार्वती की श्रद्धाभाव से पूजा करते हैं.

ज्योतिषियों की मानें तो इस मासिक शिवरात्रि पर दुर्लभ भद्रवा योग का निर्माण हो रहा है. इस योग में भगवान शिव की पूजा करने से भक्त को मनचा हुआ फल मिलेगा. आइए जानते हैं शुभ मुहूर्त-

मासिक शिवरात्रि शुभ मुहूर्त

आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 04 जुलाई को सुबह 05:44 बजे से शुरू होगी. वहीं, इसका समापन 05 जुलाई को सुबह 05:57 बजे होगा. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, मासिक शिवरात्रि 04 जुलाई को है.

भद्रवा योग

ज्योतिषियों के अनुसार, आषाढ़ मास की मासिक शिवरात्रि पर दुर्लभ भद्रवा योग का निर्माण हो रहा है. यह योग भारतीय समय अनुसार सुबह 05:54 बजे से दोपहर 05:23 बजे तक बना रहेगा. इस दौरान भगवान शिव की पूजा करने से जातक की सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी.

वृद्धि योग

आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को वृद्धि योग का निर्माण हो रहा है. यह योग भारतीय समय अनुसार सुबह 07 बजे से अगले दिन यानी 05 जुलाई को सुबह 05:14 बजे तक बना रहेगा. इस योग में भगवान शिव की पूजा करने से जातक की आमदनी और सौभाग्य में वृद्धि होगी.

मृगशिरा नक्षत्र

ज्योतिष में मृगशिरा नक्षत्र को शुभ कार्यों के लिए शुभ माना जाता है. इस नक्षत्र में शुभ कार्य किए जा सकते हैं. आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दौरान पूरे दिन मृगशिरा नक्षत्र बना रहेगा.

अभिजीत मुहूर्त

मासिक शिवरात्रि पर शुभ अभिजीत मुहूर्त का भी निर्माण हो रहा है. इस दौरान शुभ कार्य करने की अनुमति होती है. पूजा सहित शुभ कार्य इसी दौरान किए जाते हैं. भारतीय समय अनुसार इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक है.