Shani ki Dhaiya: कर्क राशि वालों के लिए राहत की खबर: मार्च 2025 में शनि की ढैय्या से मिलेगी मुक्ति, जानिए

By charpesuraj4@gmail.com

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Shani ki Dhaiya: ज्योतिष शास्त्र में ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति भगवान शिव की पूजा करता है, उस पर शनि देव की कृपा जरूर बरसती है. उनकी कृपा से दरिद्र भी राजा बन जाता है. साथ ही व्यक्ति के बिगड़े हुए सभी कार्य बनने लगते हैं. ज्योतिष शास्त्र शनि को मजबूत करने के लिए भगवान शिव और जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा करने की भी सलाह देता है.

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कर्क राशि के बारे में (Kark Rashi ke Bare mein)

कर्क राशि चक्र की चौथी राशि मानी जाती है. इस राशि के स्वामी चंद्रमा हैं, जो मन का कारक ग्रह है, वहीं इस राशि के अधिपति महादेव हैं. इस राशि का शुभ रंग दूधिया और शुभ दिन सोमवार बताया गया है.

वर्तमान में कर्क राशि वालों पर ग्रहों की स्थिति (Vartmaan mein Kark Rashi वालों par Grahon ki sthiti)

इस समय देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि वालों के धन भाव में विराजमान हैं. गुरु इस राशि में उच्च के माने जाते हैं. इस कारण वे कर्क राशि वालों को सदैव शुभ फल देते हैं. साथ ही, देवों के देव महादेव की कृपा भी कर्क राशि वालों पर बनी रहती है.

लेकिन,現 (gen) समय में कर्क राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या चल रही है. इस वजह से कर्क राशि वालों को अपने जीवन में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं. ज्योतिषियों के अनुसार शनि की ढैय्या के दौरान व्यक्ति को कभी-कभी जीवन में विपरीत परिस्थितियों का सामना भी करना पड़ता है.

यदि आप भी कर्क राशि के जातक हैं तो जानिए कब मिलेगी कर्क राशि वालों को शनि की ढैय्या से मुक्ति (jaaniye kab milegi Kark Rashi वालों ko Shani ki Dhaiya se Mukti)?

शनि की ढैय्या (Shani ki Dhaiya)

ज्योतिष शास्त्रों में बताया गया है कि व्यक्ति को साढ़े साल कुल मिलाकर ढाई साल तक शनि की ढैय्या का सामना करना पड़ता है. इस दौरान व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार फल प्राप्त होता है.

वर्तमान में शनि देव कुंभ राशि में विराजमान हैं. इस कारण मकर, कुंभ और मीन राशि के जातक साढ़ेसाती से पीड़ित हैं. वहीं, कर्क और वृश्चिक राशि के जातक शनि की ढैय्या से ग्रसित हैं.

कब मिलेगी मुक्ति? (Kab milegi Mukti?)

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, वर्तमान में शनि देव कुंभ राशि में विराजमान हैं. शनिदेव अगले साल 28 मार्च तक इसी राशि में रहेंगे. अगले दिन यानी 29 मार्च 2025 को शनिदेव कुंभ राशि से मीन राशि में गोचर करेंगे. न्याय के देवता शनिदेव इस राशि में 2 जून 2027 तक विराजमान रहेंगे.

शनिदेव के राशि परिवर्तन के साथ न केवल मकर राशि के जातकों को साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी बल्कि कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों को भी शनि की ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी. सीधे शब्दों में कहें तो कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों को शनि की ढैय्या से 29 मार्च 2025 को मुक्ति मिल जाएगी.

शनि के उपाय (Shani ke Upay)

न्याय के देवता शनिदेव के उपास्य देव महादेव ही हैं. भगवान शिव की पूजा करने से शनिदेव की कृपा अवश्य बरसेगी। अत: कर्क राशि के जातक नित प्रतिदिन स्नान-ध्यान कर विधि-विधान से भगवान शिव एवं मां पार्वती की पूजा करें। इस समय कच्चे दूध से भगवान शिव का अभिषेक करें। जातक शुद्ध घी, पंचामृत, दही, शहद, गंगाजल आदि पूजनीय पदार्थ से भी अभिषेक कर सकते हैं। कुंडली में शनि दोष को दूर करने के लिए गंगाजल में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। शनिवार के दिन तामसिक भोजन न करें और न ही किसी को सताएं या किसी का दिल दुखाएं। इन उपायों को करने से शनिदेव की कृपा अवश्य प्राप्त होती है।