Kharif fasl MSP: खरीफ फसलों के लिए MSP बढ़ाने पर विचार कर रही सरकार, जानिए

By charpesuraj5@gmail.com

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Kharif fasl MSP: किसानों के लिए खुशखबरी! खरीफ सीजन 2024-25 के लिए सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने पर विचार कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, इस बार खरीफ फसलों के लिए एमएसपी में 5 से 10 फीसदी तक का इजाफा किया जा सकता है. कैबिनेट की बैठक में इस पर फैसला लिया जा सकता है.

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किन फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी? (Kin faslon ke MSP mein badhotri?)

  • धान: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 5 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है.
  • तुअर दाल: तुअर दाल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार इसके एमएसपी में 8 से 10 फीसदी तक का इजाफा कर सकती है.

सरकार का फोकस दलहन और तिलहन के उत्पादन पर (Sarkar ka focus dalhan aur tilhan ke उत्पादन par)

बता दें कि देश में खाद्य तेल की जरूरत का 55-56 फीसदी हिस्सा आयात से पूरा किया जाता है. वहीं, दलहन की जरूरत का 15 फीसदी भी आयात से आता है. इसी कमी को पूरा करने के लिए सरकार दलहन और तिलहन के उत्पादन पर जोर दे रही है.

पंजाब, हरियाणा जैसे राज्य जहां पहले ज्यादा धान की खेती होती थी, वहां अब सरकार किसानों को दलहन और तिलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है.

2023-24 में कितना बढ़ा था खरीफ फसलों का एमएसपी? (2023-24 mein kitna badha tha Kharif faslon ka MSP?)

पिछले सीजन यानी 2023-24 में भी सरकार ने खरीफ फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी की थी.

  • धान – 7% बढ़ोतरी (143 रुपये प्रति क्विंटल)
  • ज्वार – 7 से 8% बढ़ोतरी (210 रुपये से 235 रुपये प्रति क्विंटल)
  • बाजरा – 6% बढ़ोतरी (150 रुपये प्रति क्विंटल)
  • मक्का – 6% बढ़ोतरी (128 रुपये प्रति क्विंटल)
  • कपास – 9 से 10% बढ़ोतरी (540 रुपये से 640 रुपये प्रति क्विंटल)

दलहन (Tur, Moong, Urad) और तिलहन (मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी) के एमएसपी में भी पिछले सीजन अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली थी.

कैसे तय होता है फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)? (Kaise tay होता hai faslon ka MSP)

किसानों को उनकी फसल का उचित दाम दिलाने के लिए सरकार MSP तय करती है. सीएसीपी (CACP) नाम की संस्था न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने की सिफारिश करती है.

सीएसीपी फसल उगाने में लगने वाली लागत (बीज, खाद, मजदूरी आदि) और किसान के परिवार की मेहनत को ध्यान में रखते हुए एमएसपी तय करती है.

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अगर सरकार सीएसीपी की सिफारिश मान लेती है, तो उस फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य उतना ही तय हो जाता है, जिसे सरकार उस फसल को खरीदने के लिए देती है.