Benefits Of Kapoor: इन अचूक उपायों से लाये आपने जीवन में सुख और शांति

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Benefits of Kapoor: इन अचूक उपायों से लाये आपने जीवन में सुख और शांतिहिन्दू धर्म में पूजा पाठ धुब हवन सबका कुछ ना कुछ महत्व होता है हिन्दू धर्म में बताया गया है की सुबह और शाम को पूजा पाठ करने से मन में अंधरुनि शांति और घर की आशुधिया भी दूर और मन में शांति आती है पूजा में कपूर का इस्तेमाल बहुत जरूरी माना जाता है. कपूर के बिना आरती और हवन अधूरा होता है. इसे जलाने से ना सिर्फ घर का वातावरण सुगंधित बना रहता है बल्कि ये घर की नकारात्मक ऊर्जा को भी नष्ट करता है. कपूर जलाने से घर में खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा आती है. कपूर में कुछ औषधीय गुण भी होते हैं. इसके अलावा ज्योतिष उपायों में भी कपूर का खूब इस्तेमाल किया जाता है. कपूर के टोटके ग्रह और वास्तु दोष दूर करते हैं. आइए जानते हैं कपूर से जुड़े इन खास उपायों के बारे में.

कपूर के चमत्कारी टोटके

  • घर के सदस्यों के काम में अक्सर बाधा आती है तो घर में सुबह-शाम कपूर जलाना चाहिए. इससे घर का वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक शक्तियां घर से दूर जाती हैं. कपूर जलाने से घर में सुख-शांति बनी रहती है.
  • घर का वास्तु दोष दूर करने में कपूर बहुत उपयोगी है. एक कटोरी में कपूर के कुछ टुकड़े लेकर वास्तु दोष वाले स्थान पर रख दें. कपूर जब खत्म हो जाए तो वहां कपूर के नए टुकड़े रख दें. कुछ दिनों तक लगातार ऐसा करने से वास्तु दोष धीरे-धीरे दूर हो जाएगा.
  • कुंडली में पितृ दोष या कालसर्प दोष हो तो व्यक्ति की तरक्की रुक जाती है. ऐसा राहु और केतु ग्रह के कारण भी होता है. इन दोषों से मुक्ति पाने के लिए घर में तीन समय सुबह, शाम और रात में कपूर जलाना चाहिए. ऐसा करने से इन दोषों से जल्द मुक्ति मिल जाती है.
  • शनिवार के दिन नहाने के पानी में कपूर और चमेली के तेल की कुछ बूंदे डालने से शनि दोष दूर होता है. इसके प्रभाव से कार्य में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और घर में धन का आगमन होता है.
  • सोते समय बुरे सपने आते हैं या फिर आपको डर लगता है तो अपने बेडरूप में कपूर जलाकर सोएं. इससे नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं और बुरे सपने से छुटकारा मिलता है. पति-पत्नी के बीच मनमुटाव चल रहा हो तो भी बेडरूम में कपूर जलाने से फायदा मिलता है.
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कपूर से कई शारीरिक रोगो का भी नाश होता है

कपूर से करें त्वचा रोगों का इलाज
कपूर में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो त्वचा में जलन व खुजली जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही इसमें एंटी बैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण भी पाए जाते हैं, जो त्वचा को कई प्रकार के संक्रमणों से बचाते हैं।

दर्द को कम करने में प्रभावी है कपूर

कुछ अध्ययनों में यह पाया गया कि कपूर में कुछ ऐसी विशेषताएं पाई जाती हैं, जो एक दर्द निवारक के रूप में भी काम करती हैं। आजकल मार्केट में कई ऐसे दर्द निवारक लोशन, मलम व क्रीम आ रही हैं, जिनमें कपूर का उपयोग किया जाता है। इतना ही नहीं पैरों में सूजन आदि को कम करने के लिए भी कपूर काफी लाभदायक हो सकता है।

जले हुए घाव में संक्रमण नहीं होने देता

कपूर में त्वचा को ठंडक दिलाने वाले गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा जलने के कारण होने वाले लक्षणों को कम कर सकते हैं। साथ ही कपूर में कुछ खास प्रकार के तत्व भी पाए जाते हैं, जो जलने के कारण हुए घाव में संक्रमण नहीं होने देते और उसे जल्दी ठीक करने में भी मदद करते हैं।

कपूर करे सर्दी जुकाम के लक्षणों को कम करने में मदद

कपूर में डिकंजेस्टेन्ट प्रॉपर्टीज भी मौजूद होती हैं, जो साइनस, नाक व गले में जमा बलगम को पतला करने और श्वसन मार्गों को खोलने का काम करती हैं। आजकल मार्केट में कपूर से बने कई ओवर द काउंटर प्रोडक्ट मिल जाते हैं, जिनका इस्तेमाल बंद नाक, खांसी व अन्य लक्षणों का इलाज करने के लिए किया जा सकता है।

हालांकि, कपूर से प्राप्त होने वाले लाभ हर व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

कपूर के नुकसान

कपूर कई अलग-अलग प्रकार का होता है, जिनमें से अधिकतर का उपयोग खाने के लिए नहीं किया जा सकता है। कपूर शरीर में जाकर एक विषाक्त पदार्थ की तरह काम कर सकता है और कुछ गंभीर मामलों में व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। वहीं कुछ लोग कपूर से एलर्जिक भी हो सकते हैं और उनकी त्वचा इसके संपर्क में आते ही उन्हें एलर्जी के लक्षण होने लगते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं –

  • खुजली
  • जलन
  • चकत्ते होना
  • फफोले बनना
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आपको कपूर का सेवन न करने की सख्त सलाह दी जाती है। वहीं इसके अन्य इस्तेमाल करने से पहले भी एक बार डॉक्टर से संपर्क अवश्य करें।

कपूर का उपयोग कैसे करें
कपूर का इस्तेमाल निम्न तरीकों से किया जा सकता है –

सूंघ कर इसकी गंध ली जा सकती है
अन्य औषधीय तेलों में मिलाकर त्वचा पर लगाया जा सकता है
हालांकि, कपूर से बने उत्पादों का इस्तेमाल उनके पैकेट पर दिए गए दिशानिर्देशों के अनुसार किया जा सकता है।