150 रुपये रोजाना निवेश करें NPS में, बदले में 2 करोड़ रुपये का फंड पाएं, जाने पूरी बात

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National Pension System

National Pension System: अगर आप भी अपना बुढ़ापा सुरक्षित करना चाहते है और सोच रहे है की पैसे कि दिक्कत का सामना न करना पड़े तो आज से प्लानिंग शुरू कर दें। रिटायरमेंट के लिए पैसे बचाने की शुरुआत नौकरी शुरू होने के दिन से कर देनी चाहिए।

आप जितनी जल्दी सेविंग्स की शुरुआत करते है, उतना ही रिटायरमेंट तक आपको अधिक पैसा मिलेगा. रिटायरमेंट फंड जमा करने के लिए आपके पास बहुत सारे निवेश विकल्प मौजूद हैं जैसे EPF, NPS, शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड्स, रियल एस्टेट वगैरह की जरूरत पड़ती है।

जानिए क्या है NPS योजना (Know what is NPS scheme)

NPS को सरकार की तरफ से गारंटी भी मिलती है। नेशनल पेंशन सिस्टम एक सरकारी पेंशन योजना है, जिसमें इक्विटी और डेब्ट इंस्ट्रूमेंट दोनों में शामिल किया गया है. रिटायरमेंट के बाद ज्यादा मासिक पेंशन पाने के लिए आपको इस योजना में निवेश जरूर करना चाहिए।

आयकर में भी मिलेगी छूट (Income tax exemption will also be available)

इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के अनुसार आप अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक टैक्स बचाया जा सकता हैं। यह योजना सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF), कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), सुकन्या समृद्धि योजना आदि की तरह ही सरकारी योजना भी है. इसमें कोई भी इन्वेस्टर maturity अमाउंट का सही प्रयोग कर अपनी मासिक पेंशन राशि को ज्यादा बढ़ा भी सकता है। इसके जरिए आपका सालाना 2 लाख रुपये तक का टैक्स भी बचाया जा सकता हैं. अगर आप NPS में निवेश करत रहे हैं तो आपको 50,000 रुपये तक का अतिरिक्त टैक्स छूट भी मिलती है ।

2 लाख रुपये महिना पेंशन है (2 lakh rupees is the monthly pension)

इसमें निवेशक के जिंदा रहते तक वार्षिकी से 63,768 रुपये मासिक पेंशन दी जाती है। NPC में 40 सालों तक हर महीने 5000 रुपये जमा करवाने पर आपको 1.91 करोड़ रुपये मिलने वाले है. इसके बाद आपको मैच्युरिटी अमाउंट के निवेश पर 2 लाख महिना पेंशन मिलेगी। इसके अंतर्गत आपको Systematic Withdrawal Plan (SWP) से 1.43 लाख रु और 63,768 रुपये का मासिक रिटर्न भी मिलता है.

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दो तरह के NPS होते है (There are two types of NPS)

NPS में निवेश के तीन विकल्प दिए जाते हैं, जिसमें निवेशक को यह चुनना होता है कि उसका पैसा कहां निवेश करना है. NPS दो तरह के होते हैं, टियर 1, और टियर -2. टियर-1 में न्यूनतम निवेश 500 रुपये तक है जबकि टियर-2 में 1000 रुपये तक है। हालांकि इसमें निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। इक्विटी, कॉर्पोरेट डेट और सरकारी बॉन्ड्स। इक्विटी में अधिक एक्सपोजर होने पर इसमें रिटर्न भी अधिक मिलता है. ध्यान रहे कि कोई भी निवेश आप अपने निवेश सलाहकार से बातचीत करके ही करना है।