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इन सब्जियों का उत्पादन कर किसान हो सकते हैं मालामाल, जानिए इनके नाम और खेती का तरीका

किसान सब्जियों की खेती से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। दुनियाभर के सब्जी उत्पादक देशों में भारत का नाम टॉप आता है। सब्जियों की खेती करने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि ये कम समय में तैयार हो जाती है और इनका बाजार भाव भी अच्छा मिल जाता है। खरीफ व रबी सीजन के बीच जब खेत खाली रहते हैं तब किसान सब्जियों की खेती करके अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं। आइये आज हम आपको कुछ ऐसी ही सब्जियों के बारे में बताने वाले जिनकी खेती कर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकता है।

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गिलकी की खेती

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गिलकी में आयरन, पोटेशियम और विटामिन की प्रचुर मात्रा होती है। गिलकी की खेती खरीफ और जायद दोनों सीजन में की जा सकती है। इसकी खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है, लेकिन खेत में अच्छे जल निकास की व्यवस्था होनी चाहिए। गिलकी की अच्छी पैदावार के लिए बलुई दोमट या दोमट मिट्‌टी अच्छी मानी जाती है। गिलकी की खेती के लिए 35-38 डिग्री सेल्सियस तापमान सर्वोत्तम माना जाता है। मिट्‌टी का पीएच मान 6-7 के बीच होना चाहिए।

लौकी की खेती

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लौकी भारत में गर्मियों की एक बहुमुखी सब्जी है जो गर्मी के मौसम में अच्छी तरह से उगती है। । लौकी एक ऐसी सब्जी है जिससे सब्जी के अलावा भी बहुत से चीजें बनाई जाती है जिसमें लौकी का हलवा, लौकी का रायता, लौकी कबाब आदि कई डिश इससे बनाई जाती है। लौकी की खेती में अच्छा उत्पादन पाने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा विकसित किस्में पूसा नवीन, पूसा सन्तुष्टी, पूसा सन्देश लगा सकते हैं। इसकी दिसंबर महीने में बिजाई करके फरवरी महीने में रोपाई कर सकते हैं। बरसात की बुवाई जून माह के आखिर से जुलाई के पहले हफ्ते तक की जाती है।

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करेला की खेती

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करेला सेहत के लिए काफी अच्छा मान जाता है इसकी फसल 55 से 60 दिन में तैयार हो जाती है। शुगर और डायबिटीज के मरीजों के लिए तो इसका सेवन काफी लाभकारी माना जाता है। करेले गर्मियों में उच्च तापमान को आसानी से सहन कर सकते हैं। इस ग्रीष्मकालीन सब्जी के बीज बोना शुरू करें। उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र गर्मियों में उगाई जाने वाली इन सब्जियों के लिए उपयुक्त हैं।

तोरई की खेती

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ग्रीष्म ऋतु में इसे जायद फसल कहा जाता है तथा खरीफ सीजन में भी इसे उगाया जाता है। इस तरह साल में दो बार इसकी खेती की जा सकती है। तुरई गर्मियों में मिलने वाली एक तेजी से बढ़ने वाली सब्जी है जो गर्म मौसम में पनपती है। अच्छे विकास के लिए इसे 25°C और 35°C तापमान की आवश्यकता होती है। इसकी खेती के लिए दोमट मिट्‌टी अच्छी मानी जाती है। इसकी पूसा चिकनी, पूसा स्नेहा, पूसा सुप्रिया, काशी दिव्या, कल्याणपुर चिकनी आदि अच्छी किस्में हैं। तोरई के बीजों की रोपाई के 70 से 80 दिन में इसकी फसल तैयार हो जाती है।

खीरा की खेती

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खीरा गर्मियों में उगाई जाने वाली आसान और सबसे अच्छी सब्जियों में से एक है और भरपूर फसल देती है। खीरे की मांग गर्मियों के मौसम में बहुत अधिक होती है। इसके सेवन से शरीर में पानी की पूर्ति होती है। इसकी उन्नत किस्मों में स्वर्ण अगेती, स्वर्ण पूर्णिमा, पूसा उदय, पंजाब सलेक्शन, पूसा संयोग, पूसा बरखा, खीरा 90 आदि भारतीय किस्में हैं। इस फसल की खेती गर्म मिट्टी में करें और अंकुरण में 3 दिन का समय लगता है। चूँकि इसका तना कमज़ोर होता है, इसलिए आपको इसकी सुरक्षा के लिए बाड़ या पगडंडी की आवश्यकता होती है।

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