Ginger Farming चाय,सब्जी बनाने में इस्तेमाल होने वाली अदरक की खेती से कमाए दोगुना मुनाफा पढ़े पूरी खबर

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Ginger Farming चाय,सब्जी बनाने में इस्तेमाल होने वाली अदरक की खेती से कमाए दोगुना मुनाफा पढ़े पूरी खबर

Ginger Farming Business : चाय,सब्जी बनाने में इस्तेमाल होने वाली अदरक की खेती से कमाए दोगुना मुनाफा पढ़े पूरी खबर। अदरक की खेती का व्यवसाय अदरक की खेती मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर करती है। इसे केले, पपीते या अन्य पेड़ों के साथ उगाया जा सकता है।

Ginger Farming Business

खेती हमेशा आय का एक अच्छा स्रोत रही है। नौकरियों के विपरीत, आपको दिन में 10 घंटे काम करने की ज़रूरत नहीं है। अगर आप समझदारी से काम लेंगे तो इसके जरिए आप कम समय में ज्यादा पैसा कमा सकते हैं। अदरक की बुवाई में पिछली अदरक की फसल के कंदों का उपयोग किया जाता है। अदरक की फसल करीब 8 से 9 महीने में तैयार हो जाती है।

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Ginger Farming Business

आज हम आपको एक ऐसी फसल के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको कार्यक्षेत्र में अधिक लाभ दिला सकती है। यह और कुछ नहीं बल्कि चाय से सब्जी बनाने में इस्तेमाल होने वाला अदरक है। खासतौर पर ठंड में अदरक का इस्तेमाल खूब किया जाता है। तो आइए जानते हैं कैसे करें अदरक की खेती।

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अदरक की बुवाई

अदरक की खेती मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर करती है। इसे केले, पपीते या अन्य पेड़ों के साथ उगाया जा सकता है। अदरक की बुवाई में पिछली अदरक की फसल के कंदों का उपयोग किया जाता है। एक हेक्टेयर में बुवाई के लिए 12 से 15 कंदों की आवश्यकता होती है। अदरक के बड़े-बड़े पंजे इस तरह से तोड़े जाते हैं कि एक टुकड़े में दो से तीन अंकुर हो जाते हैं।

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अदरक की बुवाई के लिए उचित दुरी

बुवाई के समय कतार से कतार की दूरी 30 से 40 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 20 से 25 सेमी होनी चाहिए। बीच के कंदों को चार से पांच सेंटीमीटर की गहराई तक बोने के बाद उन्हें हल्की मिट्टी या गोबर से ढक देना चाहिए

अदरक की किस्में

भारत के विभिन्न हिस्सों में कई किस्में उगाई जाती हैं। चीन और रियो-डी-जेनेरियो अदरक की दो आयातित किस्में हैं। उगाई जाने वाली अन्य महत्वपूर्ण किस्में मारन, असम, हिमाचल, कुरुप्पमपदी, वायनाडलोकल, सुप्रभा, सुरुचि, सुरवी, हिमगिरी, वरदा, महिमा, राजस्थान आदि हैं। विभिन्न उत्पादों के लिए उपयुक्त सर्वोत्तम किस्में हैं; आमतौर पर उनका नाम उन इलाकों के नाम पर रखा जाता है जहां वे उगाए जाते हैं।

अदरक की खुदाई

अदरक की खुदाई लगभग 8-9 महीने रोपण के बाद कर लेना चाहिये जब भूरी पत्तियाँ नीचे से ऊपर तक सूखने के बाद खुदाई की जा सकती हैं। खुदाई करने के बाद प्रकन्दों से पत्तीयो, मिट्टी तथा अदरक में लगी मिट्टी को साफ कर दें। यदि अदरक का उपयोग सब्जी के रूप में किया जाना है तो खुदाई रोपण के 6 महीने के अन्दर खुदाई किया जाए। प्रकन्दों को पानी से धुलकर एक दिन तक धूप में सुखा लेें। सूखी अदरक के प्रयोग हेतु 8 महीने बाद खोदी गई है, 6-7 घन्टे तक पानी में डुबोकर रखें इसके बाद नारियल के रेशे या मुलायम ब्रश आदि से रगडक़र साफ कर लें।

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अदरक की खेती से निवेश से दुगना मुनाफा

अदरक की फसल करीब 8 से 9 महीने में तैयार हो जाती है। एक हेक्टेयर में औसतन 150 से 200 क्विंटल अदरक की उपज की जा सकती है। वहीं, एक हेक्टेयर में अदरक की खेती पर करीब 7-8 लाख रुपये खर्च होते हैं। अगर मुनाफे की बात करें तो बाजार में अदरक 80 रुपये प्रति किलो के भाव से बिकता है, लेकिन अगर हम भी 50 से 60 रुपये का औसत मान लें तो एक हेक्टेयर से 25 लाख रुपये तक की कमाई की गारंटी है। यानी एक हेक्टेयर में आपको 15 लाख रुपये तक का मुनाफा होगा। इसमें आपको अपने निवेश से दोगुना लाभ मिलता है।