गेहूं की यह नई किस्में बढ़ाएगी किसानो की आय, प्रति हेक्टेयर होगा 74.9 क्विंटल तक का उत्पादन, जाने पूरी डिटेल्स

By Alok

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Improved Varieties of Wheat: गेहूं की यह नई किस्में बढ़ाएगी किसानो की आय, प्रति हेक्टेयर होगा 74.9 क्विंटल तक का उत्पादन, जाने पूरी डिटेल्स,भारत कृषि क्षेत्र को एक नई उम्दा दिशा प्रदान करने और खरीफ फसलों की उत्पादकता को बढ़ाने के लिए भारतीय गेहूँ और जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल, ने भारतीय किसानों के लिए गेहूं की उन्नत किस्मो को विकसित किया है जो किसानो की आय में बढोत्तरी करने में सहायता करेगी। हाल के समय में तापमान के बढ़ते हुए प्रभाव के कारण गेहूँ के उत्पादन पर असर पड़ा है।गेहूँ के तीन नई बायो फोर्टिफाइड विकसित किस्में न केवल बढ़िया उत्पादन प्रदान करेंगी, बल्कि कई बीमारियों के प्रतिरोधी भी हैं। आइए जानते है इनके बारे में। ..

किसानो को बेहतर उत्पादन देगी यह किस्मे

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किसानों को बेहतर उपज देने वाले बायो फोर्टिफाइड किस्मों का विकास किया गया है। ये नई किस्में बढ़ते हुए तापमान के साथ भी बेहतर उत्पादन देने में सक्षम होगी। CAR -IIWBR के प्रधान वैज्ञानिको के अनुसार: ये बायो फोर्टिफाइड किस्में इनमें से DBW 370 (करण वैदेही), DBW 371 (करण वृंदा), और DBW 372 (करण वरुणा) की उत्पादन क्षमता पहले की किस्मों से कहीं ज्यादा है। गेहूँ के उत्पादन की बढ़ोतरी के साथ-साथ रतुआ जैसी कई बीमारियों के प्रतिरोधी भी हैं। इनमें से प्रत्येक किस्म का अपना विशेष गुणवत्ता और प्रतिरोधी शक्ति है जो गेहूँ की उत्पादनता को बढ़ाएगी। आइये जानते है बायो फोर्टिफाइड किस्में की ख़ासियत के बारे में। …

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DBW 370 (करण वैदेही) किस्म की खासियत

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गेहू की यह डीबीडब्ल्यू 370 करण वैदेही किस्म की बेहतर उत्पादन क्षमता के लिए जानी जाती है। यह किस्म अच्छी जमीन में लगभग 86.9 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक का उत्पादन देने में सक्षम होती है. इस किस्म की खेती पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में उत्तर पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों में उगाई जा सकती है।

DBW 371 (करण वृंदा) किस्म और उसकी खासियत

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किसानो की आय बढ़ाने के लिए DBW 371 (करण वृंदा) किस्म सबसे बेहतर है, अगर आप इस किस्म की खेती करते हो तो यह प्रति हेक्टेयर 87.1 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक का उत्पादन देती है। ये किस्म मुख्यतः;पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, और उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में उगाई जा सकती है।

गेहू की DBW 372 (करण वरुणा) किस्म

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गेहू की DBW 372 (करण वरुणा) किस्म की उत्पादन क्षमता प्रति हेक्टेयर 84.9 क्विंटल प्रति हेक्टेयर। ये किस्म पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, और उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में उगाई जा सकती है। इन इलाको के किसान इसकी खेती कर अच्छा लाभ कमा सकते है।

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रबी सत्र 2023-24 के लिए विकसित की गई यह किस्मे

उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी: ये किस्में पहले की किस्मों से अधिक उत्पादन करती हैं, जिससे किसानों को अधिक फायदा होता है। बीमारियों के प्रतिरोधक: इन किस्मों में विशेष गुणवत्ता है जो रतुआ जैसी कई बीमारियों से गेहूँ को बचाएगी। आईसीएआर-भारतीय गेहूँ और जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल, हरियाणा ने रबी सत्र 2023-24 के लिए इन तीनों किस्मों के बीज को सीड पोर्टल पर उपलब्ध कराया है। इससे गेहूँ के उत्पादन में बेहतरी होगी और किसानों को फायदा मिलेगा।

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