गाजर घास खेत की मुसीबत से खाद बनाने का उपाय, जाने पूरी जानकारी…

By Alok Gaykwad

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गाजर घास खेत की मुसीबत से खाद बनाने का उपाय, जाने पूरी जानकारी, खेत की मेढ़ पर उगने वाली गाजर घास किसानों के लिए सिरदर्द से कम नहीं होती, लेकिन यही घास उनके लिए काफी फायदेमंद भी साबित हो सकती है. अब तक किसान गाजर घास को बड़ी समस्या मानते थे क्योंकि यह पर्यावरण के लिए भी हानिकारक है. साथ ही गाजर घास जमीन को बंजर बना देती है, लेकिन अब किसान इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.

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यह घास बारिश के मौसम में निकलती है. जिसे किसान काटकर फेंक देते हैं, लेकिन यही खरपत अब उनके लिए उपयोगी साबित हो सकती है. जी हां, नीम की पत्तियां, खरपतवार, जलकुंभी और 12 महीने बेमौसम उगने वाली कांग्रेस घास यानी गाजर घास का इस्तेमाल जैविक खाद बनाने में किया जा सकता है, वो भी आसानी से और निशुल्क मिलने वाली चीजों से. जैविक खाद बनाने की इस विधि को अपनाकर आप अच्छी कमाई भी कर सकते हैं. आइए जानते हैं कृषि और मृदा विज्ञान विशेषज्ञ प्रो. अशोक कुमार सिंह का इस बारे में क्या कहना है.

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गाजर घास से खाद बनाने की विधि

बल्लिया के श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार सिंह ने लोक 18 को बताया कि आज के समय में कुछ ऐसी तकनीकें हैं जिनके माध्यम से अच्छी क्वालिटी का खाद बनाकर अच्छा रोजगार शुरू किया जा सकता है. या तो किसान इसे खुद बनाकर अपने खेतों में इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर इसकी पैकेजिंग करके बाजार में बेचकर अच्छा मुनाफा भी कमा सकते हैं.

प्रो. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि गाजर घास को जानवर भी नहीं खाते हैं. लेकिन जहां यह उगती है वहां की उपज में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी आ जाती है. इसके पत्ते छोटे होते हैं और इसमें सफेद फूल खिलते हैं. लेकिन गाजर घास को जैविक खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. इसी प्रकार जलकुंभी भी एक खतरनाक जलीय पौधा है.

भारत में इसे बंगाल का आतंक भी कहा जाता है. यह पौधा स्थिर पानी में बहुत तेजी से फैलता है और पानी से ऑक्सीजन खींच लेता है. जिसके चलते मछलियां, जलीय जीव और दूसरे पौधे मर जाते हैं. लेकिन शायद उन्हें नहीं पता कि इसी से भी अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. उदाहरण के लिए, नीम की पत्तियों, गेहूं के ठूंठ, पराल, जलकुंभी और पार्थेनियम यानी कांग्रेस घास आदि से मिलकर एक अच्छा जैविक खाद बनाया जा सकता है. जिसे खेत में डालने के बाद अच्छी पैदावार होती है.

गाजर घास से खाद बनाने की विधि

प्रो. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि नीम की पत्तियां, गेहूं के ठूंठ, पराल, जलकुंभी और कांग्रेस घास (फूल आने से पहले) को काटकर अच्छी तरह सुखा लें. सूखने के बाद ईंट, प्लास्टिक या बांस की टिकियों से 20 फीट लंबा, 4 फीट चौड़ा और तीन फीट गहरा गड्ढा बना लें. अगर गड्ढा नहीं बन पा रहा है तो मिट्टी से चारों तरफ घेर बनाकर भी इसे तैयार किया जा सकता है.

सबसे पहले नीम की पत्तियां, गेहूं के ठूंठ, पराल, जलकुंभी और कांग्रेस घास की 6 इंच मोटी परत जमीन पर बिछा दें. इसके ऊपर मिट्टी की 1 इंच की परत डालें और गोबर के घोल का छिड़काव करें. इस प्रक्रिया को तब तक दोहराते रहें जब तक गड्ढा भर न जाए