Arandi Ki Kheti : अरंडी की खेती मुनाफे का सौदा,जानिए एक हेक्टेयर में 20 किलो बीज के इस्तेमाल से कितनी होगी कमाई

0
174
Arandi Ki Kheti : अरंडी की खेती मुनाफे का सौदा,जानिए एक हेक्टेयर में 20 किलो बीज के इस्तेमाल से कितनी होगी कमाई

Arandi Ki Kheti :- भारत को अरंडी का सबसे प्रमुख उत्पादक देश माना जाता है। जिसके बाद चीन और ब्राज़ील दूसरे और तीसरे नंबर पर आते है। अकेले भारत में ही तक़रीबन 10 लाख मीट्रिक टन अरंडी का उत्पादन प्रति वर्ष किया जाता है। जिसमे तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा और राजस्थान राज्य इसके मुख्य उत्पादक राज्य है।

अधिक लाभ कमाने के लिए अरंडी की खेती करें

अरंडी की खेती औषधीय तेल के लिए होती है। इसमें करीब 60 फीसदी तक तेल पाया जाता है। अरंडी की खेती खरीफ के मौसम में औषधीय तेल के रूप में की जाती है। इसका पौधा झाड़ी के रूप में विकास करता है इसकी खेती व्यापारिक तौर पर अधिक लाभ कमाने के लिए की जाती है।

Arandi Ki Kheti : अरंडी की खेती मुनाफे का सौदा,जानिए 20 किलो बीज के इस्तेमाल से कितना होगा मुनाफा

इसके तेल के इस्तेमाल से……….

अरंडी का बीज लम्बे समय तक पकता रहता है, इसके तेल के इस्तेमाल से कपड़ा, साबुन, प्लास्टिक, कपड़ा रंगाई, हाइड्रोलिक ब्रेक तेल, वार्निश और चमड़े आदि चीजों को बनाया जाता है। इसके अलावा इस तेल को पाचन, पेट दर्द, और बच्चो की मालिश के लिए भी उपयोग करते है, तथा तेल निकालते समय निकलने वाली खली को जैविक खाद के रूप में इस्तेमाल करते है। अरंडी की खेती औषधीय तेल के लिए की जाती है। खास बात यह है कि इसका तेल शून्य तापमान पर भी नहीं जमता। झाड़ी के रूप में उगने वाला पौधा व्यापारिक तौर पर किसान को अत्याधिक मुनाफा देने वाला होता है।

image 470

अरंडी की खेती

अरंडी की खेती के लिए तापमान

आर्द्र और शुष्क जलवायु में इसके पौधे अच्छा विकास करते हैं। सामान्य तापमान पर बढ़ने वाला पौधा तेजी से विकास करता है। इसके पत्ते काफी बड़े होते हैं। फसल पकने के दौरान इसके पौधे को तीव्र तापमान की आवश्यकता होती है।

Arandi Ki Kheti : अरंडी की खेती मुनाफे का सौदा,जानिए 20 किलो बीज के इस्तेमाल से कितना होगा मुनाफा

अरंडी की खेती के लिए जमीन की आवश्यकता

इसकी खेती किसी भी उपजाऊ मिट्टी में की जा सकती है। इसकी खेती के लिए कम उपजाऊ जमीन की आवश्यकता होती है। खेती में उचित जल निकासी की व्यवस्था के साथ मिट्टी का पीएच मान लगभग 6 के मध्य होना चाहिए। इसकी खेती क्षारीय भूमि में बिल्कुल न करे।

यह भी पढ़े :- Highest Milk Yielding Buffalo Breed : भारत की सबसे ज्यादा दूध देने वाली भैंस की नस्ले जो देगी सालभर में 1000-3000 लीटर तक दूध

अरंडी की खेती

किस्में और संकर

47-1(ज्वाला), ज्योती, क्र्रान्ती, किरण, हरिता, जीसी 2, टीएमवी-6, किस्में तथा डीसीएच-519, डीसीएच-177, डीसीएच-32, जीसीएच-4, जीसीएच-5, जीसीएच-6, जीसीएच-7, आरएचसी-1, पीसीएच-1, टीएमवीसीएच-1, संकर लें।

image 471
अरंडी के लिए खेत की तैयारी

खेत की जुताई करने के बाद उपयुक्त मात्रा में गोबर की खाद डाली जाती है। खेत को दोबारा जोतकर जैविक खाद को पूरी तरीके से मिलवा दिया जाता है। उसके बाद खेत में पानी लगाकर पलेवा कर दिया जाता है. फिर खेत को सूखने के लिए छोड़ दिया जाता है। खेत सूखने के बाद उसे फिर से जुतवाकर भूमि को पाटा लगा कर समतल कर लिया जाता है. इसके बाद सल्फर और जिप्सम को उचित मात्रा में डाल दिया जाता है।

Arandi Ki Kheti : अरंडी की खेती मुनाफे का सौदा,जानिए 20 किलो बीज के इस्तेमाल से कितना होगा मुनाफा

अरंडी की बुवाई

ड्रिल विधि के साथ अरंडी के बीजों की बुवाई कर दी जाती है। यह प्रक्रिया मशीन या हाथ से की जाती है। एक हेक्टेयर में लगभग 20 किलो बीज का इस्तेमाल किया जाता है। बीजों की रोपाई का सबसे उत्तम समय जून और जुलाई माना जाता है।

अरंडी की खेती

अरंडी की सिंचाई

पौधा निकलने के बाद लगभग 20 दिन के अंतराल पर आवश्यकता अनुसार सिंचाई की जाती है। इसके पौधों पर आवश्यकता पड़ने पर ही सिंचाई करनी चाहिए।

यह भी पढ़े :- DAP और urea को कहें अलविदा अब Panchgavya Fertilizer से करे नेचुरल फार्मिंग होगा बंपर उत्पादन

image 472
अरंडी की कटाई

बुआई के बाद 90-120 दिनों के बाद जब कैप्सूल का रंग भूरा होने लगे तब कटाई करें। इसके बाद 30दिनों के अंतराल से क्रम से स्पाइकों की कटाई करें। कटाई कर स्पाइकों को धूप में सुखाये जिससे गहाई में आसानी होती है। गहाई छडि़यों से कैप्सूलों को पीट कर या ट्रैक्टर या बैलों से या मषीन से करें। समय से रखरखाव से उत्तम फसल प्राप्त होती है। जिस के बीजों या तेल को बेचकर किसान लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं।

अरंडी की खेती

Arandi Ki Kheti : अरंडी की खेती मुनाफे का सौदा,जानिए 20 किलो बीज के इस्तेमाल से कितना होगा मुनाफा

अलग-अलग मंडियों में बाजार भाव

भारत के कई भागों में अरंडी की खेती की जा रही है। ज्यादातर किसान शंकर प्रजाति कि अरंडी की खेती कर रहे हैं। भारत अरंडी की खेती उत्पादित तेल का विदेश में बड़ी मात्रा में निर्यात करने वाला देश है। अलग-अलग मंडियों में बाजार भाव अरंडी के अलग-अलग हैं। लेकिन 54 सौ से 72 सौ तक बाजार भाव उतार-चढ़ाव के साथ रहता है।