भारत में ये 5 नस्ल की बकरी पालन को बनाएं लाभ का धंधा, होगी तगड़ी कमाई, जाने पूरी जानकारी…

By Alok Gaykwad

Published on:

Follow Us

Goat Farming: भारत में ये 5 नस्ल की बकरी पालन को बनाएं लाभ का धंधा, होगी तगड़ी कमाई, जाने पूरी जानकारी, देश में कई तरह की बकरी की नस्लें पाई जाती हैं, जिनका पालन करके किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं. कुछ नस्लों का मांस बेहद खास होता है, तो कुछ का दूध. आइए जानते हैं ऐसी ही 5 खास बकरी की नस्लों के बारे में, जो आपको अमीर बना सकती हैं. ये नस्लें उत्तर प्रदेश से लेकर राजस्थान तक पाई जाती हैं. इन सभी बकरियों का दूध और मांस लाजवाब होता है. कुछ का बाल और चमड़ा भी इस्तेमाल होता है, तो कुछ के दूध से ही लोग मालामाल हो जाते हैं.

यह भी पढ़े : – लड़कियों का ध्यान भटका देंगा Vivo का लक्जरी कैमरा फ़ोन, देखे शानदार फीचर्स के साथ कीमत

दूध के लिए बेमिसाल – सानन

बकरी पालन की बात हो और सानन बकरी का जिक्र ना हो, ऐसा हो नहीं सकता. ये नस्ल दूध उत्पादन के लिए बेहद खास मानी जाती है. ये बकरी रोजाना लगभग चार लीटर दूध देती है. इसकी खासियत ये है कि इसका दूध बहुत स्वादिष्ट और क्रीमी होता है.

यह भी पढ़े : – पूरी तरह सुखी तुलसी भी ये नुष्का अपनाते ही हो जायेगी हरी भरी, जाने पूरी जानकारी…

दूध और बच्चों के लिए बेहतरीन – बीटल

बீटल बकरी की नस्ल भी काफी खास है. स्थानीय 18 के गोपालन विभाग के पशु चिकित्सक शिवकुमार वर्मा बताते हैं कि ये बकरी बहुत खास है और दूध उत्पादन भी काफी अच्छा करती है. खासकर ये पंजाब में ज्यादा पाई जाती है. एक बीटल बकरी का वजन 50 से 70 किलो के बीच होता है. ये बकरी डेढ़ साल में करीब दो बच्चों को जन्म देती है, जिससे इसकी अच्छी फार्मिंग की जा सकती है.

दूध और मांस दोनों का फायदा – जामुनापारी

उत्तर प्रदेश की एक बहुत ही खास बकरी है जामुनापारी. इसे इटावा के नाम से भी जाना जाता है और इसका निर्यात इंडोनेशिया को भी किया जाता है. पशु चिकित्सकों का कहना है कि ये बकरी दूध और मांस दोनों के लिए रोजाना पाली जाती है. इन दोनों से ही अच्छी आमदनी हो जाती है. ये बकरी रोजाना दो से तीन किलो दूध देती है. इसका वजन करीब 70 किलो होता है. इसके दूध की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसमें कम कोलेस्ट्रॉल होता है. सर्दियों के मौसम में ये ज्यादातर चारे पर ही गुजारा करती है.

दूध, मांस और बच्चों के लिए बेहतरीन – जखराना

कई नस्लों के बीच जखराना बकरी की नस्ल काफी खास है और इसके तीन गुण एक साथ पाए जाते हैं. इन्हीं तीनों गुणों के कारण इसे ज्यादातर लोग पालते हैं. ये बकरी अच्छी दूध और मीट के लिए फेमस है. साथ ही ये ज्यादा बच्चे भी देती है. असली नस्ल की जखराना बकरी की पहचान ये होती है कि ये पूरी तरह से काली और चमकदार होती है. तीनों गुण एक साथ होने के कारण ही इन्हें ज्यादा पाला जाता है. जखराना नस्ल की बकरियों का मांस लाजवाब होता है. ये रोजाना दो लीटर दूध भी देती है.

दूध, मांस, बाल और चमड़े के लिए उपयोगी – टोटापुरी

भारतीय राज्य राजस्थान में पाई जाने वाली टोटापुरी बकरी सबसे पुरानी प्रजातियों में से एक है. ये बकरी भी काफी खास नस्ल की मानी जाती है. इसका मांस और दूध लाजवाब होता है लेकिन इसके अलावा इसके बाल और चमड़े का भी काफी इस्तेमाल होता है. इन्हीं चारों खूबियों के कारण इस बकरी को पाला जाता है.