Tuesday, February 7, 2023
Homeधर्म- विशेषभगवान शिव के पुरे समय मुद्रा में बैठे रहने का क्या राज...

भगवान शिव के पुरे समय मुद्रा में बैठे रहने का क्या राज है, आखिर किसकी आराधना करते है शिव

भगवान शिव के पुरे समय मुद्रा में बैठे रहने का क्या राज है, आखिर किसकी आराधना करते है शिव, कभी आपने गौर किया होगा कि शिवजी हमेशा ध्यान की अवस्था में रहते हैं. देवों के देव महादेव की इस तस्वीर को देखकर आपने अक्सर इस बात को सोचा होगा, कि आखिर महादेव किसका ध्यान कर रहे होते हैं. जो कि संपूर्ण सृष्टि के कर्ताधर्ता हैं, वह हमेशा किसकी उपासना किया करते हैं, क्या आप को पता है की इसके पीछे क्या रहस्य है, अगर नहीं तो आइए हम आप को बताते है.

भगवान शिव के पुरे समय मुद्रा में बैठे रहने का क्या राज है, आखिर किसकी आराधना करते है शिव

यह भी पढ़े: इस मकर संक्राति खुलेगी इन 3 राशियों की किस्मत, जाने कैसा योग है मकर संक्रांति पर

भगवान शिव किसकी आराधना करते है

0521 shiva

शिव पुराण में इस बात का जिक्र किया गया है कि भगवान शिव जोकि आदि और अंत है. जिनसे ही सृष्टि का आरंभ और अंत है. ऐसे भगवान शिव जो कि संपूर्ण सृष्टि का संचालन करते हैं, हर व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुरूप फल प्रदान करते हैं. इसके साथ ही भगवान शिव ना केवल देवताओं बल्कि असुरों के भी भगवान हैं. भगवान शिव को सारा संसार पूजता है.

भोलेनाथ के है अनेकों नाम

भगवान शिव के द्वारा दिए गए वरदान व्यक्ति के जीवन को सफल बना देते हैं. भगवान शिव जिन्हें भोलेनाथ, नीलकंठ, शंकर भगवान, अर्धनारीश्वर के नाम से जाना जाता है, वह अक्सर आपको ध्यान की मुद्रा में मगन बैठे दिखाई देंगे, जिसको लेकर एक बार माता पार्वती ने भी भगवान शिव से पूछा था, कि हे ईश्वर आप तो स्वयं देवों के देव हैं, आप किसका ध्यान कर रहे हैं, तो इस बात पर भगवान शिव ने जवाब दिया था.

lord shiva 1610341937 lb

भगवान शिव के पुरे समय मुद्रा में बैठे रहने का क्या राज है, आखिर किसकी आराधना करते है शिव

यह भी पढ़े: सोना-चांदी हुआ स्थिर, जाने आज के आप के शहर में 22 कैरट और 24 कैरट के भाव

भगवान शिव भगवान राम की आराधना करते है

1218547 lord shiva 2

जिस पर भगवान शिव का यह जवाब था की, भगवान शिव ने माता पार्वती से कहा कि वह भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्रीराम का ध्यान करते हैं. क्योंकि भगवान विष्णु के अवतार श्री राम ही ऐसा नाम है, जिसका जाप भगवान विष्णु के हजार नाम के बराबर है, इस कारण ही भगवान शिव भगवान राम के आराध्य कहे जाते हैं. और भगवान शिव भगवान राम की आराधना करते है.

RELATED ARTICLES

Most Popular