आधुनिक तरीकों से टमाटर की खेती कर कमा सकते हो चार गुना मोटा मुनाफा, देखे पूरी जानकरी

आधुनिक तरीकों से टमाटर की खेती कर कमा सकते हो चार गुना मोटा मुनाफा, देखे पूरी जानकरी

आधुनिक तरीकों से टमाटर की खेती कर कमा सकते हो चार गुना मोटा मुनाफा, देखे पूरी जानकरी। किसान परंपरागत खेती के साथ-साथ अब आधुनिक खेती की ओर भी रुख कर रहे हैं. इसमें सब्जियों की खेती भी शामिल है. कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर किसान सब्जियों की खेती में थोड़े से बदलाव करें तो उन्हें काफी मुनाफा हो सकता है. टमाटर ऐसी सब्जी है जिसकी खेती पूरे साल की जा सकती है. नए तरीकों से इसकी खेती करके किसान चार गुना तक मुनाफा कमा सकते हैं.

टमाटर की खेती: साल भर कमाई का जरिया (Tomato ki Kheti: Saal Bhar Kamai ka Zariya)

क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, चियाकी के कृषि वैज्ञानिक डॉ प्रमोद कुमार का कहना है कि टमाटर एक ऐसी सब्जी है जिसकी बाजार में हमेशा डिमांड रहती है. इसकी खेती किसान साल भर कर सकते हैं. मई से जुलाई माह में बहुत गर्मी पड़ती है इसलिए सिर्फ इस महीने को छोड़कर बाकी पूरे साल टमाटर की खेती की जा सकती है. इसकी खेती के लिए किसान विशेष रूप से प्रभेद किस्म का चयन कर सकते हैं. आम तौर पर एक पौधे से 2 से 3 किलो टमाटर निकलते हैं, वहीं खास किस्मों से 8 से 10 किलो तक टमाटर निकल सकते हैं.

एक पौधे से 10 किलो तक पैदावार (Ek Pauधे se 10 Kilo tak Paidaawar)

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जो किसान टमाटर की खेती करना चाहते हैं वे सिंजेंटा कंपनी के सहो बीज का चुनाव कर सकते हैं. इस पर क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में भी शोध किया जा रहा है. इसकी खासियत यह है कि इसका गूदा सख्त होता है, जिससे इसे 10 से 12 दिनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके फल भी काफी अच्छे होते हैं. इसकी पैदावार के लिए कम पानी की भी जरूरत होती है. खेती के लिए किसान इसे मचान की सहायता से रस्सी की मदद से ऊपर ले जा सकते हैं, जिससे फल का आकार भी बड़ा होगा और पैदावार भी बढ़ेगी. इसकी खेती के लिए एक एकड़ में 80 ग्राम बीज के साथ किसानों को लगभग 40 से 50 हजार रुपये का खर्च आता है. वहीं, मुनाफा 2 लाख रुपये तक हो जाता है. इसकी खेती आप साल भर में तीन से चार बार कर सकते हैं. इसे लगाने के डेढ़ महीने बाद ही फल आने शुरू हो जाते हैं.

खेती करने से पहले बीज का उपचार जरूरी (Kheti karne se pehle Beej ka Upchar Zaroori)

कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि टमाटर की फसल में फली छेदक की समस्या आती है. इससे बचने के लिए किसानों को दवाइयां और फफूंदनाशक दवाओं का इस्तेमाल बहुत जरूरी है. इसके बीज उपचार के लिए किसान नाटिवो और अन्य कीटनाशकों का उपचार कर सकते हैं. इसके बाद 20 से 25 दिन बाद फिर से बीजों का उपचार जरूर करें, ताकि फली छेदक और अन्य कीट की समस्या से बचा जा सके. इस खेती में कम पानी में भी किसान 20% तक उत्पादन बढ़ा सकते हैं. साथ ही पौधे को रस्सी की मदद से 15 फीट तक ऊपर तक ले जाया जा सकता है. सिंचाई के लिए किसान 10 से 12 दिनों में एक बार ड्रिप इरीगेशन सिस्टम का इस्तेमाल कर सकते हैं.